मणिपुर हिंसा: मणिपुर में मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक शनिवार को यहां शुरू हुई. मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच पिछले महीने 3 मई को भड़की हिंसा में अब तक लगभग 120 लोगों की मौत हो चुकी है और 3000 से अधिक लोग घायल हुए हैं. बैठक में भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदलों समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता हिस्सा ले रहे हैं. मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति यानी एसटी (ST) श्रेणी में शामिल करने की मांग का विरोध करने के लिए छात्रों के एक संगठन द्वारा 3 मई को आहूत ‘आदिवासी एकता मार्च’ में हिंसा भड़क गई थी।
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50 दिन के बाद भी नहीं रुकी हिंसा, सरकार की हो रही आलोचना गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने 4 दिन के लिए राज्य का दौरा किया था और मणिपुर में शांति बहाल करने के अपने प्रयासों के तहत विभिन्न वर्गों के लोगों से मुलाकात की थी. विपक्षी दल स्थिति से निपटने के तरीके को लेकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं क्योंकि 50 दिन के बाद भी हिंसा नहीं रुकी है।
बैठक में शामिल हैं ये नेता
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गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में चल रही सर्वदलीय बैठक में सर्वदलीय बैठक में भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह, टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन, मेघालय के मुख्यमंत्री व एनपीपी नेता कॉनराड सिंह, एआईएडीएमके नेता एम थंबी दुरई, डीएमके नेता तिरुचि शिवा के अलावा बीजेडी नेता पिनाकी मिश्रा, आप नेता संजय सिंह, आरजेडी नेता मनोज झा और शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी शामिल हैं. इसमें केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, नित्यानंद राय और अजय कुमार मिश्रा, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला और इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक तपन डेका भी शामिल हुए. बता दें कि मणिपुर में मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई इस बैठक में केंद्र सरकार सभी दलों के नेताओं को राज्य में हिंसा और उसकी वजहों के बारे में जानकारी साझा करेगी।